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सूरह अल-बलद — आयत 11 (हिन्दी) — वीडियो

अल-बलद • आयत 11 में से 20 • हिन्दी


فَلَا اقْتَحَمَ الْعَقَبَةَ 11
अनुवाद:
किन्तु वह तो हुमककर घाटी में से गुजंरा ही नहीं और (न उसने मुक्ति का मार्ग पाया) अल-बलद ९०:११
तफ़सीर:
उसे चाहि था कि उस घाटी को पार करता, जो उसे जन्नत से अलग करती है। चुनाँचे वह उसे तय करता और उसे पार कर जाता।
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