सूरह अल-मसद (खजूर की रस्सी) — سُورَةُ المسد
जिसे यह भी कहा जाता है:
Tabbat (नष्ट हो गया), Abī Lahab (अबू लहब), al-Lahab (ज्वाला)
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تَبَّتْ يَدَا أَبِي لَهَبٍ وَتَبَّ i
टूट गए अबू लहब के दोनों हाथ और वह स्वयं भी विनष्ट हो गया! (१)
مَا أَغْنَىٰ عَنْهُ مَالُهُ وَمَا كَسَبَ i
न उसका माल उसके काम आया और न वह कुछ जो उसने कमाया (२)
سَيَصْلَىٰ نَارًا ذَاتَ لَهَبٍ i
वह शीघ्र ही प्रज्वलित भड़कती आग में पड़ेगा, (३)
وَامْرَأَتُهُ حَمَّالَةَ الْحَطَبِ i
और उसकी स्त्री भी ईधन लादनेवाली, (४)
فِي جِيدِهَا حَبْلٌ مِنْ مَسَدٍ i
उसकी गरदन में खजूर के रेसों की बटी हुई रस्सी पड़ी है (५)