सूरह अल-हिज्र (हिज्र क्षेत्र — الحجر) (आयत 56)

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15 अल-हिज्र(الحجر), आयत ५६

قَالَ وَمَنْ يَقْنَطُ مِنْ رَحْمَةِ رَبِّهِ إِلَّا الضَّالُّونَ 56 ٥٦

उसने कहा, "अपने रब की दयालुता से पथभ्रष्टों के सिवा और कौन निराश होगा?" (५६)

तफ़सीर
इबराहीम अलैहिस्सलाम ने कहा : क्या अल्लाह के सीधे रास्ते से भटके हुए लोगों के सिवा भी कोई अपने रब की दया से निराश होता है?!

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