सूरह अन-नहल (मधुमक्खी — النحل) (आयत 34)

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16 अन-नहल(النحل), आयत ३४

فَأَصَابَهُمْ سَيِّئَاتُ مَا عَمِلُوا وَحَاقَ بِهِمْ مَا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ 34 ٣٤

अन्ततः उनकी करतूतों की बुराइयाँ उनपर आ पड़ी, और जिसका उपहास वे कहते थे, उसी ने उन्हें आ घेरा (३४)

तफ़सीर
चुनाँचे उनपर उनके उन कार्य की सज़ा उतर आई, जो वे किया करते थे, और उन्हें उस यातना ने घेर लिया, जिसके द्वारा नसीहत किए जाने पर वे उसका मज़ाक उड़ाया करते थे।

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