सूरह अन-नहल (मधुमक्खी — النحل) (आयत 52)

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16 अन-नहल(النحل), आयत ५२

وَلَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَلَهُ الدِّينُ وَاصِبًا ۚ أَفَغَيْرَ اللَّهِ تَتَّقُونَ 52 ٥٢

जो कुछ आकाशों और धरती में है सब उसी का है। उसी का दीन (धर्म) स्थायी और अनिवार्य है। फिर क्या अल्लाह के सिवा तुम किसी और का डर रखोगे? (५२)

तफ़सीर
आकाशों और धरती की सारी चीज़ें केवल उसी की हैं; वही उनका पैदा करने वाला, उनका मालिक और उनका प्रबंध करने वाला है। तथा आज्ञापालन, अधीनता और निष्ठा अकेले उसी के लिए सिद्ध है। तो क्या तुम अल्लाह के अलावा से डरते हो?! ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि केवल उसी (अल्लाह) से डरो।

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