सूरह अल-इसरा (रात्रि यात्रा — الإسراء) (आयत 108)

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17 अल-इसरा(الإسراء), आयत १०८

وَيَقُولُونَ سُبْحَانَ رَبِّنَا إِنْ كَانَ وَعْدُ رَبِّنَا لَمَفْعُولًا 108 ١٠٨

और कहते है, "महान और उच्च है हमारा रब! हमारे रब का वादा तो पूरा होकर ही रहता है।" (१०८)

तफ़सीर
और वे अपने सजदे में कहते हैं : हमारा पालनहार वादे के उल्लंघन से पवित्र है। चुनाँचे उसने मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को संदेष्टा बनाकर भेजने का जो वादा किया था, वह होकर रहा। निःसंदेह हमारे पालनहार का इसका तथा इसके अलावा अन्य चीज़ों का वादा अनिवार्य रूप से पूरा होने वाला है।

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