सूरह अल-इसरा (रात्रि यात्रा — الإسراء) (आयत 32)

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17 अल-इसरा(الإسراء), आयत ३२

وَلَا تَقْرَبُوا الزِّنَا ۖ إِنَّهُ كَانَ فَاحِشَةً وَسَاءَ سَبِيلًا 32 ٣٢

और व्यभिचार के निकट न जाओ। वह एक अश्लील कर्म और बुरा मार्ग है (३२)

तफ़सीर
व्यभिचार से सावधान रहो तथा उसके लिए प्रोत्साहित करने वाली चीज़ों से बचो। यह अत्यंत घृणित (घिनावना) काम है और बहुत बुरा रास्ता है, क्योंकि यह नसब (वंश) के मिश्रण और अल्लाह के अज़ाब का कारण बनता है।

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