सूरह अल-इसरा (रात्रि यात्रा — الإسراء) (आयत 62)

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17 अल-इसरा(الإسراء), आयत ६२

قَالَ أَرَأَيْتَكَ هَٰذَا الَّذِي كَرَّمْتَ عَلَيَّ لَئِنْ أَخَّرْتَنِ إِلَىٰ يَوْمِ الْقِيَامَةِ لَأَحْتَنِكَنَّ ذُرِّيَّتَهُ إِلَّا قَلِيلًا 62 ٦٢

कहने लगा, "देख तो सही, उसे जिसको तूने मेरे मुक़ाबले में श्रेष्ठ ता प्रदान की है, यदि तूने मुझे क़ियामत के दिन तक मुहलत दे दी, तो मैं अवश्य ही उसकी सन्तान को वश में करके उसका उन्मूलन कर डालूँगा। केवल थोड़े ही लोग बच सकेंगे।" (६२)

तफ़सीर
इबलीस ने अपने पालनहार से कहा : क्या तूने इस प्राणी को देखा, जिसे सजदा करने का मुझे आदेश देकर तूने उसे मेरे ऊपर सम्मान दिया है? यदि तूने मुझे सांसारिक जीवन के अंत तक जीवित रखा, तो मैं अवश्य ही उसकी संतानों को उकसाऊँगा और निश्चित रूप से उन्हें तेरे सीधे रास्ते से भटका दूँगा, उनमें से कुछ को छोड़कर जिन्हें तू सुरक्षित रखेगा और वे तेरे चुने हुए बंदे हैं।

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