सूरह मरयम (مريم) (आयत 42)

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19 मरयम(مريم), आयत ४२

إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ لِمَ تَعْبُدُ مَا لَا يَسْمَعُ وَلَا يُبْصِرُ وَلَا يُغْنِي عَنْكَ شَيْئًا 42 ٤٢

जबकि उसने अपने बाप से कहा, "ऐ मेरे बाप! आप उस चीज़ को क्यों पूजते हो, जो न सुने और न देखे और न आपके कुछ काम आए? (४२)

तफ़सीर
जब उन्होंने अपने पिता आज़र से कहा : ऐ मेरे पिता! आप अल्लाह को छोड़कर ऐसे बुत की पूजा क्यों करते हैं, जिसे यदि आप पुकारें, तो वह आपकी पुकार नहीं सुनता है; यदि आप उसकी पूजा करें, तो वह आपकी पूजा को नहीं देखता है, तथा वह न आपकी हानि को दूर करता है और न आपको कोई लाभ देता पहुँचाता हैॽ!

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