सूरह मरयम (مريم) (आयत 68)

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19 मरयम(مريم), आयत ६८

فَوَرَبِّكَ لَنَحْشُرَنَّهُمْ وَالشَّيَاطِينَ ثُمَّ لَنُحْضِرَنَّهُمْ حَوْلَ جَهَنَّمَ جِثِيًّا 68 ٦٨

अतः तुम्हारे रब की क़सम! हम अवश्य उन्हें और शैतानों को भी इकट्ठा करेंगे। फिर हम उन्हें जहन्नम के चतुर्दिक इस दशा में ला उपस्थित करेंगे कि वे घुटनों के बल झुके होंगे (६८)

तफ़सीर
अतः (हे रसूल!) आपके पालनहार की क़सम! हम अवश्य ही उन्हें उनकी क़ब्रों से निकालकर ह़श्र के मैदान में एकत्र करेंगे तथा उनके साथ वे शैत़ान भी होंगे, जिन्होंने उनको गुमराह किया था। फिर हम उन्हें उनके घुटनों के बल अपमानजनक अवस्था में जहन्नम के दरवाज़ों पर ले जाएँगे।

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