सूरह अल-बकरा (गाय — البقرة) (आयत 156)

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2 अल-बकरा(البقرة), आयत १५६

الَّذِينَ إِذَا أَصَابَتْهُمْ مُصِيبَةٌ قَالُوا إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ 156 ١٥٦

जो लोग उस समय, जबकि उनपर कोई मुसीबत आती है, कहते है, "निस्संदेह हम अल्लाह ही के है और हम उसी की ओर लौटने वाले है।" (१५६)

तफ़सीर
जब उनपर इन विपत्तियों में से कोई विपत्ति आती है, तो वे अल्लाह के निर्णय के प्रति संतोष और समर्पण के साथ कहते हैं : निःसंदेह हम अल्लाह के हैं, वह हमारे साथ जैसा चाहता है, व्यवहार करता है। तथा निःसंदेह हम क़ियामत के दिन उसी की ओर लौटने वाले हैं। क्योंकि उसी ने हमें पैदा किया और हमें विभिन्न प्रकार की नेमतें प्रदान कीं, तथा उसी की तरफ़ हमारा लौटना और हमारे मामले का अंत है।

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