सूरह ता-हा (طه) (आयत 46)

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20 ता-हा(طه), आयत ४६

قَالَ لَا تَخَافَا ۖ إِنَّنِي مَعَكُمَا أَسْمَعُ وَأَرَىٰ 46 ٤٦

कहा, "डरो नहीं, मै तुम्हारे साथ हूँ। सुनता और देखता हूँ (४६)

तफ़सीर
अल्लाह ने उन दोनों से फरमाया : तुम दोनों डरो नहीं। निःसंदेह मैं मदद एवं समर्थन करने के लिए तुम्हारे साथ हूँ। मैं वह सब कुछ सुन और देख रहा हूँ, जो तुम दोनों और फ़िरऔन के बीच होने जा रहा है।

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