सूरह अल-अंबिया (पैग़म्बर — الأنبياء) (आयत 42)

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21 अल-अंबिया(الأنبياء), आयत ४२

قُلْ مَنْ يَكْلَؤُكُمْ بِاللَّيْلِ وَالنَّهَارِ مِنَ الرَّحْمَٰنِ ۗ بَلْ هُمْ عَنْ ذِكْرِ رَبِّهِمْ مُعْرِضُونَ 42 ٤٢

कहो कि "कौन रहमान के मुक़ाबले में रात-दिन तुम्हारी रक्षा करेगा? बल्कि बात यह है कि वे अपने रब की याददिहानी से कतरा रहे है (४२)

तफ़सीर
(ऐ रसूल!) इन यातना की जल्दी मचाने वालों से कह दें : वह कौन है जो रात और दिन में 'रहमान' (अत्यंत दयावान् अल्लाह) की ओर से तुमपर उतरने वाले अज़ाब और विनाश से तुम्हारी रक्षा करता है? बल्कि वे अपने पालनहार के उपदेशों और तर्कों को याद करने से मुँह फेरने वाले हैं, अपनी अज्ञानता और मूर्खता के कारण उनमें से किसी भी चीज़ पर विचार नहीं करते हैं।

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