और वह बरकतवाली अनुस्मृति है, जिसको हमने अवतरित किया है। तो क्या तुम्हें इससे इनकार है (५०)
तफ़सीर
मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर उतरने वाला यह क़ुरआन, उन लोगों के लिए एक स्मरण और उपदेश है, जो इससे उपदेश ग्रहण करना चाहें, बहुत लाभ और भलाई वाला है। तो क्या इन सब के बावजूद तुम इसका इनकार कर रहे हो?! न इसकी शिक्षाओं को स्वीकार करने वाले हो और न उनपर अमल करने वालो हो?!
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