सूरह अल-हज (हज (तीर्थयात्रा) — الحج) (आयत 23)

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22 अल-हज(الحج), आयत २३

إِنَّ اللَّهَ يُدْخِلُ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِنْ تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِنْ ذَهَبٍ وَلُؤْلُؤًا ۖ وَلِبَاسُهُمْ فِيهَا حَرِيرٌ 23 ٢٣

निस्संदेह अल्लाह उन लोगों को, जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए, ऐसे बाग़ों में दाखिल करेगा जिनके नीचें नहरें बह रही होंगी। वहाँ वे सोने के कंगनों और मोती से आभूषित किए जाएँगे और वहाँ उनका परिधान रेशमी होगा (२३)

तफ़सीर
और ईमान वालों का समूह, अर्थात् वे लोग, जो अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कार्य किए, अल्लाह उन्हें ऐसे बाग़ों में दाख़िल करेगा, जिनके महलों और पेड़ों के नीचे से नहरें बहती हैं। अल्लाह उन्हें सोने के कंगन के साथ सुशोभित करेगा और उन्हें मोतियों से अलंकृत करेगा, तथा वहाँ उनके कपड़े रेशम के होंगे।

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