सूरह अल-मुमिनून (विश्वासी — المؤمنون) (आयत 14)

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23 अल-मुमिनून(المؤمنون), आयत १४

ثُمَّ خَلَقْنَا النُّطْفَةَ عَلَقَةً فَخَلَقْنَا الْعَلَقَةَ مُضْغَةً فَخَلَقْنَا الْمُضْغَةَ عِظَامًا فَكَسَوْنَا الْعِظَامَ لَحْمًا ثُمَّ أَنْشَأْنَاهُ خَلْقًا آخَرَ ۚ فَتَبَارَكَ اللَّهُ أَحْسَنُ الْخَالِقِينَ 14 ١٤

फिर हमने उस बूँद को लोथड़े का रूप दिया; फिर हमने उस लोथड़े को बोटी का रूप दिया; फिर हमने उन हड्डियों पर मांस चढाया; फिर हमने उसे एक दूसरा ही सर्जन रूप देकर खड़ा किया। अतः बहुत ही बरकतवाला है अल्लाह, सबसे उत्तम स्रष्टा! (१४)

तफ़सीर
फिर हमने उसके बाद माँ के गर्भाशय में सुरक्षित उस वीर्य को जमे हुए लाल रक्त का रूप दिया, फिर उस जमे हुए लाल रक्त को मांस के एक चबाए हुए टुकड़े के रूप में बनाया, फिर माँस के उस टुकड़े को कठोर हड्डियों का रूप दे दिया, फिर उन हड्डियों को माँस पहना दिया, फिर हमने उसमें प्राण डालकर और जीवन में लाकर एक और रचना बना दिया। तो बहुत बरकत वाला है अल्लाह, जो बनाने वालों में सबसे अच्छा है।

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