सूरह अल-फुरक़ान (भेद करने वाला — الفرقان) (आयत 17)

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25 अल-फुरक़ान(الفرقان), आयत १७

وَيَوْمَ يَحْشُرُهُمْ وَمَا يَعْبُدُونَ مِنْ دُونِ اللَّهِ فَيَقُولُ أَأَنْتُمْ أَضْلَلْتُمْ عِبَادِي هَٰؤُلَاءِ أَمْ هُمْ ضَلُّوا السَّبِيلَ 17 ١٧

और जिस दिन उन्हें इकट्ठा किया जाएगा और उनको भी जिन्हें वे अल्लाह को छोड़कर पूजते है, फिर वह कहेगा, "क्या मेरे बन्दों को तुमने पथभ्रष्ट किया था या वे स्वयं मार्ग छोड़ बैठे थे?" (१७)

तफ़सीर
जिस दिन अल्लाह झुठलाने वाले मुश्रिकों को एकत्र करेगा, तथा उन्हें भी एकत्र करेगा जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा करते थे। फिर अल्लाह पूज्यों से, उनके पूजकों को फटकार लगाने हेतु, कहेगा : क्या तुमने मेरे बंदों को उन्हें अपनी पूजा का आदेश देकर पथभ्रष्ट किया था, या वे अपने आप भटक गए थे?!

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