सूरह अल-फुरक़ान (भेद करने वाला — الفرقان) (आयत 20)

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25 अल-फुरक़ान(الفرقان), आयत २०

وَمَا أَرْسَلْنَا قَبْلَكَ مِنَ الْمُرْسَلِينَ إِلَّا إِنَّهُمْ لَيَأْكُلُونَ الطَّعَامَ وَيَمْشُونَ فِي الْأَسْوَاقِ ۗ وَجَعَلْنَا بَعْضَكُمْ لِبَعْضٍ فِتْنَةً أَتَصْبِرُونَ ۗ وَكَانَ رَبُّكَ بَصِيرًا 20 ٢٠

और तुमसे पहले हमने जितने रसूल भी भेजे हैं, वे सब खाना खाते और बाज़ारों में चलते-फिरते थे। हमने तो तुम्हें परस्पर एक को दूसरे के लिए आज़माइश बना दिया है, "क्या तुम धैर्य दिखाते हो?" तुम्हारा रब तो सब कुछ देखता है (२०)

तफ़सीर
(ऐ रसूल!) हमने आपसे पहले जितने भी रसूल भेजे, वे सभी इनसान थे, जो खाना खाते थे और बाज़ारों में चलते-फिरते थे। अतः इस मामले में आप कोई अनूठे नबी नहीं हैं। तथा (ऐ लोगो!) हमने तुम्हें खुशहाली एवं ग़रीबी तथा स्वास्थ्य एवं बीमारी आदि अलग-अलग अवस्थाओं में रखकर, एक-दूसरे के लिए परीक्षण बनाया है। क्या तुम अपने इस परीक्षण में धैर्य से काम लोगे, कि अल्लाह तुम्हें तुम्हारे धैर्य का प्रतिफल प्रदान करे?! और तुम्हारा रब देख रहा है कि कौन सब्र करता है और कौन सब्र नहीं करता, तथा कौन उसका आज्ञापालन करता है और कौन उसकी अवज्ञा करता है।

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