और कहा कि "तुम दोनों उन लोगों के पास जाओ जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया है।" अन्ततः हमने उन लोगों को विनष्ट करके रख दिया (३६)
तफ़सीर
फिर हमने उन दोनों से कहा कि तुम फ़िरऔन तथा उसके समुदाय के पास जाओ, जिन्होंने मेरी आयतों को झुठलाया। चुनाँचे उन दोनों ने मेरा आज्ञापालन किया और उन लोगों के पास गए और उन्हें अल्लाह को एकमात्र पूज्य मानने की ओर आमंत्रित किया। परंतु उन्होंने उन दोनों को झुठला दिया, इसलिए हमने उन्हें बुरी तरह नष्ट कर दिया।
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