वही है जिसने रात्रि को तुम्हारे लिए वस्त्र और निद्रा को सर्वथा विश्राम एवं शान्ति बनाया और दिन को जी उठने का समय बनाया (४७)
तफ़सीर
और अल्लाह ही वह हस्ती है, जिसने तुम्हारे लिए रात को वस्त्र के समान बनाया, जो तुम्हें ढाँप लेता है तथा अन्य चीज़ों को छिपाता है। तथा वही है जिसने तुम्हारे लिए नींद को विश्राम बनाया, जिसके आग़ोश में तुम अपने कार्यों से आराम करते हो तथा वही है जिसने दिन को तुम्हारे लिए अपने कामों पर जाने का समय बनाया।
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