सूरह अल-फुरक़ान (भेद करने वाला — الفرقان) (आयत 69)

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25 अल-फुरक़ान(الفرقان), आयत ६९

يُضَاعَفْ لَهُ الْعَذَابُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ وَيَخْلُدْ فِيهِ مُهَانًا 69 ٦٩

क़ियामत के दिन उसकी यातना बढ़ती चली जाएगी॥ और वह उसी में अपमानित होकर स्थायी रूप से पड़ा रहेगा (६९)

तफ़सीर
क़ियामत के दिन उसकी यातना दुगनी कर दी जाएगी और वह उस यातना में अपमानित और तिरस्कृत होकर सदा बना रहेगा।

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