सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 142)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत १४२

إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ صَالِحٌ أَلَا تَتَّقُونَ 142 ١٤٢

जबकि उसके भाई सालेह ने उससे कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते? (१४२)

तफ़सीर
जब उनके वंश के भाई सालेह ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय के कारण उसके अलावा की उपासना छोड़ दो?!

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