सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 161)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत १६१

إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ لُوطٌ أَلَا تَتَّقُونَ 161 ١٦١

जबकि उनके भाई लूत ने उनसे कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते? (१६१)

तफ़सीर
जब उनके वंश के भाई लूत ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय के कारण उसके साथ किसी को साझी ठहराना छोड़ दो?!

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