सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 169)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत १६९

رَبِّ نَجِّنِي وَأَهْلِي مِمَّا يَعْمَلُونَ 169 ١٦٩

ऐ मेरे रब! मुझे और मेरे लोगों को, जो कुछ ये करते है उसके परिणाम से, बचा ले।" (१६९)

तफ़सीर
उन्होंने अपने पालनहार से दुआ करते हुए कहा : ऐ मेरे पालनहार! तू मुझे और मेरे परिवार को उस यातना से बचा ले, जो इन लोगों पर इनके द्वारा किए जाने वाले घिनौने कार्य के कारण आने वाली है।

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