सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 177)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत १७७

إِذْ قَالَ لَهُمْ شُعَيْبٌ أَلَا تَتَّقُونَ 177 ١٧٧

जबकि शुऐब ने उनसे कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते? (१७७)

तफ़सीर
जब उनके नबी शुऐब ने उनसे कहा : क्या तुम अल्लाह से डरते नहीं कि उसके भय से किसी को उसका साझी बनाना छोड़ दो?!

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