सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 190)

नीचे दिए गए खोज उपकरण का उपयोग करके किसी विशिष्ट सूरह से एक या एक से अधिक चयनित आयतें और आपकी चुनी हुई भाषा में उनका अनुवाद देखें।




26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत १९०

إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُمْ مُؤْمِنِينَ 190 ١٩٠

निस्संदेह इसमें एक बड़ी निशानी है। इसपर भी उनमें से अधिकतर माननेवाले नहीं (१९०)

तफ़सीर
निश्चय शुऐब अलैहिस्सलाम की जाति के उपर्युक्त विनाश में सीख ग्रहण करने वालों के लिए बड़ी सीख है। और उनमें से अधिकांश लोग ईमान वाले नहीं थे।

वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दी गई स्मार्ट खोज सुविधा का उपयोग कर सकते हैं