सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 207)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत २०७

مَا أَغْنَىٰ عَنْهُمْ مَا كَانُوا يُمَتَّعُونَ 207 ٢٠٧

तो जो सुख उन्हें मिला होगा वह उनके कुछ काम न आएगा (२०७)

तफ़सीर
तो इस दुनिया में उनके पास जो नेमतें थी, उनके क्या काम आएँगी?! क्योंकि वे सारी नेमतें समाप्त हो गईं और कुछ लाभ न दे सकीं।

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