सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 210)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत २१०

وَمَا تَنَزَّلَتْ بِهِ الشَّيَاطِينُ 210 ٢١٠

इसे शैतान लेकर नहीं उतरे हैं। (२१०)

तफ़सीर
इस क़ुरआन को रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दिल पर, शैतान लेकर नहीं उतरे।

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