सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 213)

नीचे दिए गए खोज उपकरण का उपयोग करके किसी विशिष्ट सूरह से एक या एक से अधिक चयनित आयतें और आपकी चुनी हुई भाषा में उनका अनुवाद देखें।




26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत २१३

فَلَا تَدْعُ مَعَ اللَّهِ إِلَٰهًا آخَرَ فَتَكُونَ مِنَ الْمُعَذَّبِينَ 213 ٢١٣

अतः अल्लाह के साथ दूसरे इष्ट-पूज्य को न पुकारना, अन्यथा तुम्हें भी यातना दी जाएगी (२१३)

तफ़सीर
अतः आप अल्लाह के साथ किसी अन्य पूज्य की इबादत न करें जिसे आप उसके साथ साझी बना लें। नहीं तो उसके कारण, आप भी यातना दिए जाने वालों में से हो जाएँगे।

वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दी गई स्मार्ट खोज सुविधा का उपयोग कर सकते हैं