सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 22)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत २२

وَتِلْكَ نِعْمَةٌ تَمُنُّهَا عَلَيَّ أَنْ عَبَّدْتَ بَنِي إِسْرَائِيلَ 22 ٢٢

यही वह उदार अनुग्रह है जिसका रहमान तू मुझपर जताता है कि तूने इसराईल की सन्तान को ग़ुलाम बना रखा है।" (२२)

तफ़सीर
तेरा बनी इसराईल को दास बनाने के साथ मुझे गुलाम बनाए बिना मेरा पालन-पोषण करना, एक ऐसा उपकार है जो तू मुझपर उचित रूप से जतला रहा है। लेकिन यह मुझे तुमको एक अल्लाह की ओर बुलाने से नहीं रोकता है।

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