सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 36)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत ३६

قَالُوا أَرْجِهْ وَأَخَاهُ وَابْعَثْ فِي الْمَدَائِنِ حَاشِرِينَ 36 ٣٦

उन्होंने कहा, "इसे और इसके भाई को अभी टाले रखिए, और एकत्र करनेवालों को नगरों में भेज दीजिए (३६)

तफ़सीर
उनहोंने उससे कहा : इसे और इसके भाई के मामले को अभी टाले रखो और इन दोनों को दंड देने में जल्दी न करो, तथा मिस्र के नगरों में जादूगरों को इकट्ठा करने वालों को भेज दो।

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