सूरह अश-शुअरा (कवि — الشعراء) (आयत 45)

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26 अश-शुअरा(الشعراء), आयत ४५

فَأَلْقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ 45 ٤٥

फिर मूसा ने अपनी लाठी फेकी तो क्या देखते है कि वह उसे स्वाँग को, जो वे रचाते है, निगलती जा रही है (४५)

तफ़सीर
फिर मूसा ने अपनी लाठी फेंकी और वह एक अजगर बन गई, जिसने अचानक उस जादू को निगलना शुरू कर दिया, जो वे लोगों पर छलावा कर रहे थे।

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