सूरह अन-नमल (चींटी — النمل) (आयत 53)

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27 अन-नमल(النمل), आयत ५३

وَأَنْجَيْنَا الَّذِينَ آمَنُوا وَكَانُوا يَتَّقُونَ 53 ٥٣

और हमने उन लोगों को बचा लिया, जो ईमान लाए और डर रखते थे (५३)

तफ़सीर
और हमने सालेह अलैहिस्सलाम के समुदाय में से उन लोगों को बचा लिया, जो अल्लाह पर ईमान लाए तथा अल्लाह से उसकी आज्ञाओं का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर डरते थे।

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