सूरह अल-क़सस (कहानियाँ — القصص) (आयत 12)

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28 अल-क़सस(القصص), आयत १२

وَحَرَّمْنَا عَلَيْهِ الْمَرَاضِعَ مِنْ قَبْلُ فَقَالَتْ هَلْ أَدُلُّكُمْ عَلَىٰ أَهْلِ بَيْتٍ يَكْفُلُونَهُ لَكُمْ وَهُمْ لَهُ نَاصِحُونَ 12 ١٢

हमने पहले ही से दूध पिलानेवालियों को उसपर हराम कर दिया। अतः उसने (मूसा की बहन से) कहा कि "क्या मैं तुम्हें ऐसे घरवालों का पता बताऊँ जो तुम्हारे लिए इसके पालन-पोषण का ज़िम्मा लें और इसके शुभ-चिंतक हों?" (१२)

तफ़सीर
इससे पहले कि हम मूसा को उनकी माँ के पास लौटाएँ, उन्होंने अल्लाह की योजना के अनुसार किसी भी स्त्री का दूध पीने से इनकार कर दिया। अतः जब मूसा की बहन ने उन लोगों को देखा कि वे उसे दूध पिलाने के लिए उत्सुक हैं, तो उसने उनसे कहा : क्या मैं तुम्हें ऐसे घरवाले बताऊँ, जो इसे दूध पिलाएँ और इसकी देखभाल करें और वे इसके शुभचिंतक हों?

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