सूरह अल-क़सस (कहानियाँ — القصص) (आयत 52)

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28 अल-क़सस(القصص), आयत ५२

الَّذِينَ آتَيْنَاهُمُ الْكِتَابَ مِنْ قَبْلِهِ هُمْ بِهِ يُؤْمِنُونَ 52 ٥٢

जिन लोगों को हमने इससे पूर्व किताब दी थी, वे इसपर ईमान लाते है (५२)

तफ़सीर
जो लोग क़ुरआन के अवतरण से पहले तौरात पर ईमान रखने में दृढ़ थे, वे क़ुरआन पर ईमान लाते हैं। क्योंकि वे अपनी किताबों में इसकी सूचना और वर्णन पाते हैं।

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