सूरह अल-अनकबूत (मकड़ी — العنكبوت) (आयत 30)

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29 अल-अनकबूत(العنكبوت), आयत ३०

قَالَ رَبِّ انْصُرْنِي عَلَى الْقَوْمِ الْمُفْسِدِينَ 30 ٣٠

उसने कहास "ऐ मेरे रब! बिगाड़ पैदा करनेवाले लोगों के मुक़ावले में मेरी सहायता कर।" (३०)

तफ़सीर
लूत अलैहिस्सलाम ने अपनी जाति के हठ तथा अल्लाह की यातना को हलके में लेते हुए उसके लाने की माँग करने बाद, अपने रब से प्रार्थना करते हुए कहा : ऐ मेरे रब! उन लोगों के विरुद्ध मेरी सहायता कर, जो कुफ़्र और निंदनीय पाप फैलाकर धरती में बिगाड़ पैदा करने वाले हैं।

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