सूरह अल-अनकबूत (मकड़ी — العنكبوت) (आयत 65)

नीचे दिए गए खोज उपकरण का उपयोग करके किसी विशिष्ट सूरह से एक या एक से अधिक चयनित आयतें और आपकी चुनी हुई भाषा में उनका अनुवाद देखें।




29 अल-अनकबूत(العنكبوت), आयत ६५

فَإِذَا رَكِبُوا فِي الْفُلْكِ دَعَوُا اللَّهَ مُخْلِصِينَ لَهُ الدِّينَ فَلَمَّا نَجَّاهُمْ إِلَى الْبَرِّ إِذَا هُمْ يُشْرِكُونَ 65 ٦٥

जब वे नौका में सवार होते है तो वे अल्लाह को उसके दीन (आज्ञापालन) के लिए निष्ठा वान होकर पुकारते है। किन्तु जब वह उन्हें बचाकर शु्ष्क भूमि तक ले आता है तो क्या देखते है कि वे लगे (अल्लाह का साथ) साझी ठहराने (६५)

तफ़सीर
जब मुश्रिक लोग समुद्र में नौकाओं पर सवार होते हैं, तो निष्ठापूर्वक अकेले अल्लाह ही को पुकारते हैं कि उन्हें डूबने से बचा ले। फिर जब वह उन्हें डूबने से बचा लेता है, तो वे बहुदेववादी हो जाते हैं उसके साथ अपने देवताओं को पुकारने लगते हैं।

वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दी गई स्मार्ट खोज सुविधा का उपयोग कर सकते हैं