सूरह आल-इमरान (इमरान का परिवार — آل عمران) (आयत 108)

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3 आल-इमरान(آل عمران), आयत १०८

تِلْكَ آيَاتُ اللَّهِ نَتْلُوهَا عَلَيْكَ بِالْحَقِّ ۗ وَمَا اللَّهُ يُرِيدُ ظُلْمًا لِلْعَالَمِينَ 108 ١٠٨

ये अल्लाह की आयतें है, जिन्हें हम हक़ के साथ तुम्हें सुना रहे है। अल्लाह संसारवालों पर किसी प्रकार का अत्याचार नहीं करना चाहता (१०८)

तफ़सीर
(ऐ नबी) हम आपको अल्लाह के वचन एवं चेतावनी पर आधारित ये आयतें, समाचार में सच्चाई और प्रावधानों में न्याय के साथ पढ़कर सुनाते हैं। और अल्लाह संसार वालों में से किसी पर भी अत्याचार नहीं करना चाहता, बल्कि वह किसी को उसके हाथों की कमाई के कारण ही दंडित करता है।

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