सूरह अर-रूम (रोमवासी — الروم) (आयत 54)

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30 अर-रूम(الروم), आयत ५४

اللَّهُ الَّذِي خَلَقَكُمْ مِنْ ضَعْفٍ ثُمَّ جَعَلَ مِنْ بَعْدِ ضَعْفٍ قُوَّةً ثُمَّ جَعَلَ مِنْ بَعْدِ قُوَّةٍ ضَعْفًا وَشَيْبَةً ۚ يَخْلُقُ مَا يَشَاءُ ۖ وَهُوَ الْعَلِيمُ الْقَدِيرُ 54 ٥٤

अल्लाह ही है जिसनें तुम्हें निर्बल पैदा किया, फिर निर्बलता के पश्चात शक्ति प्रदान की; फिर शक्ति के पश्चात निर्बलता औऱ बुढापा दिया। वह जो कुछ चाहता है पैदा करता है। वह जाननेवाला, सामर्थ्यवान है (५४)

तफ़सीर
अल्लाह वह है, जिसने (ऐ लोगो!) तुम्हें एक तुच्छ पानी (नुत्फ़े) से पैदा किया। फिर उसने तुम्हारी बचपन की कमज़ोरी के बाद जवानी की शक्ति बनाई, फिर जवानी की शक्ति के बाद पुढ़ापे की कमज़ोरी बनाई। अल्लाह जो भी कमज़ोरी और शक्ति चाहता है, पैदा करता है। और वह हर चीज़ को जानता है, उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है। वह सर्वशक्तिमान है, जिसे कोई चीज़ विवश नहीं कर सकती।

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