सूरह अल-अहज़ाब (गठबंधन — الأحزاب) (आयत 26)

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33 अल-अहज़ाब(الأحزاب), आयत २६

وَأَنْزَلَ الَّذِينَ ظَاهَرُوهُمْ مِنْ أَهْلِ الْكِتَابِ مِنْ صَيَاصِيهِمْ وَقَذَفَ فِي قُلُوبِهِمُ الرُّعْبَ فَرِيقًا تَقْتُلُونَ وَتَأْسِرُونَ فَرِيقًا 26 ٢٦

और किताबवालों में सो जिन लोगों ने उसकी सहायता की थी, उन्हें उनकी गढ़ियों से उतार लाया। और उनके दिलों में धाक बिठा दी कि तुम एक गिरोह को जान से मारने लगे और एक गिरोह को बन्दी बनाने लगे (२६)

तफ़सीर
अल्लाह ने यहूदियों में से उन लोगों को, जिन्होंने काफ़िरों की सहायता की थी, उनके उन क़िलों से उतार दिया, जहाँ वे अपने दुश्मनों से बचने के लिए शरण लेते थे। और उनके दिलों में भय डाल दिया। चुनाँचे तुम (ऐ ईमान वालो) उनके एक गिरोह को क़त्ल कर रहे थे और एक गिरोह को बंदी बना रहे थे।

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