सूरह अल-अहज़ाब (गठबंधन — الأحزاب) (आयत 59)

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33 अल-अहज़ाब(الأحزاب), आयत ५९

يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ قُلْ لِأَزْوَاجِكَ وَبَنَاتِكَ وَنِسَاءِ الْمُؤْمِنِينَ يُدْنِينَ عَلَيْهِنَّ مِنْ جَلَابِيبِهِنَّ ۚ ذَٰلِكَ أَدْنَىٰ أَنْ يُعْرَفْنَ فَلَا يُؤْذَيْنَ ۗ وَكَانَ اللَّهُ غَفُورًا رَحِيمًا 59 ٥٩

ऐ नबी! अपनी पत्नि यों और अपनी बेटियों और ईमानवाली स्त्रियों से कह दो कि वे अपने ऊपर अपनी चादरों का कुछ हिस्सा लटका लिया करें। इससे इस बात की अधिक सम्भावना है कि वे पहचान ली जाएँ और सताई न जाएँ। अल्लाह बड़ा क्षमाशील, दयावान है (५९)

तफ़सीर
ऐ नबी! आप अपनी पत्नियों से कह दें, तथा अपनी बेटियों से कह दें और ईमान वालों की स्त्रियों से कह दें कि : वे अपने ऊपर उन चादरों का कुछ हिस्सा डाल लिया करें जो वे पहनती हैं, ताकि पराए (ग़ैर मह़-रम) पुरुषों के सामने उनके शरीर का कोई अंग खुलने न पाए। यह इसके अधिक निकट है कि उन्हें पहचान लिया जाएगा कि वे आज़ाद (व शरीफ़) औरतें हैं, तो कोई उन्हें कष्ट नहीं पहुँचाएगा, जिस तरह कि वह दासियों के साथ छेड़छाड़ करता है। और अल्लाह अपने तौबा करने वाले बंदे के पापों को क्षमा करने वाला, उसपर दयालु है।

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