सूरह फातिर (सृष्टिकर्ता — فاطر) (आयत 2)

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35 फातिर(فاطر), आयत २

مَا يَفْتَحِ اللَّهُ لِلنَّاسِ مِنْ رَحْمَةٍ فَلَا مُمْسِكَ لَهَا ۖ وَمَا يُمْسِكْ فَلَا مُرْسِلَ لَهُ مِنْ بَعْدِهِ ۚ وَهُوَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ 2 ٢

अल्लाह जो दयालुता लोगों के लिए खोल दे उसे कोई रोकनेवाला नहीं और जिसे वह रोक ले तो उसके बाद उसे कोई जारी करनेवाला भी नहीं। वह अत्यन्त प्रभुत्वशाली, तत्वदर्शी है (२)

तफ़सीर
निःसंदेह हर चीज़ की कुंजी अल्लाह के हाथ में है। अतः वह लोगों के लिए जीविका, मार्गदर्शन, खुशी और अन्य नेमतों के जो द्वार खोल दे, तो कोई भी उसे रोक नहीं सकता। तथा उनमें से जिसे वह रोक ले, तो उसके रोकने के पश्चात कोई भी उसे नहीं भेज सकता। और वह प्रभुत्वशाली है, जिसे कोई पराजित नहीं कर सकता। वह अपनी रचना, तक़दीर (नियति) और प्रबंध में पूर्ण हिकमत वाला है।

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