सूरह अस-साफ़्फ़ात (पंक्ति में खड़े — الصافات) (आयत 124)

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37 अस-साफ़्फ़ात(الصافات), आयत १२४

إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِ أَلَا تَتَّقُونَ 124 ١٢٤

याद करो, जब उसने अपनी क़ौम के लोगों से कहा, "क्या तुम डर नहीं रखते? (१२४)

तफ़सीर
जब उन्होंने अपनी जाति बनी इसराईल से कहा, जिनकी ओर वह रसूल बनाकर भेजे गए थे : ऐ मेरी जाति के लोगो! क्या तुम अल्लाह के आदेशों का पालन करके, जिसमें तौहीद शामिल है, और उसके निषेधों से बचकर, जिसमें शिर्क शामिल है, उससे डरते नहीं हो?!

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