अलबत्ता अल्लाह के उन बन्दों की बात और है, जिनको उसने चुन लिया है (४०)
तफ़सीर
लेकिन अल्लाह के वे मोमिन बंदे, जिन्हें अल्लाह ने अपनी इबादत के लिए ख़ालिस (विशुद्ध) कर लिया है और उन्होंने खालिस अल्लाह की इबादत की है, वे इस यातना से छुटकारा पाने वाले हैं।
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