कहेगा, "अल्लाह की क़सम! तुम तो मुझे तबाह ही करने को थे (५६)
तफ़सीर
वह कहेगा : अल्लाह की क़सम! (ऐ साथी!) तू क़रीब था कि मुझे कुफ़्र और मरने के बाद दोबारा जीवित होकर उठने के इनकार की ओर बुलाकर मुझे जहन्नम में दाख़िल करके, नष्ट कर देता।
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