सूरह अस-साफ़्फ़ात (पंक्ति में खड़े — الصافات) (आयत 63)

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37 अस-साफ़्फ़ात(الصافات), आयत ६३

إِنَّا جَعَلْنَاهَا فِتْنَةً لِلظَّالِمِينَ 63 ٦٣

निश्चय ही हमने उस (वृक्ष) को ज़ालिमों के लिए परीक्षा बना दिया है (६३)

तफ़सीर
हमने इस पेड़ को एक परीक्षा बनाया है, जिसके द्वारा उन लोगों को परीक्षा में डाला जाता है, जो कुफ़्र और गुनाहों के द्वारा अत्याचार करने वाले हैं। जैसा कि उन्होंने कहा : आग पेड़ों को खा जाती है; इसलिए यह संभव नहीं है कि आग में पेड़ उगे।

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