सूरह साद (ص) (आयत 35)

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38 साद(ص), आयत ३५

قَالَ رَبِّ اغْفِرْ لِي وَهَبْ لِي مُلْكًا لَا يَنْبَغِي لِأَحَدٍ مِنْ بَعْدِي ۖ إِنَّكَ أَنْتَ الْوَهَّابُ 35 ٣٥

उसने कहा, "ऐ मेरे रब! मुझे क्षमा कर दे और मुझे वह राज्य प्रदान कर, जो मेरे पश्चात किसी के लिए शोभनीय न हो। निश्चय ही तू बड़ा दाता है।" (३५)

तफ़सीर
सुलैमान अलैहिस्सलाम ने कहा : ऐ मेरे पालनहार, मेरे गुनाह क्षमा कर दे, और मुझे ऐसी बादशाहत प्रदान कर जो मेरे ही लिए विशिष्ट हो, मेरे बाद किसी को प्राप्त न हो। निश्चय (ऐ मेरे पालनहार!) तू बहुत बड़ा दाता और बड़ा दानशील है।

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