इसी के बीच डाँवाडोल हो रहे है, न इन (ईमानवालों) की तरफ़ के है, न इन (इनकार करनेवालों) की तरफ़ के। जिसे अल्लाह भटका दे, उसके लिए तो तुम कोई राह नहीं पा सकते (१४३)
तफ़सीर
ये मुनाफ़िक़ लोग हैरानी और असमंजस में पड़े हुए हैं। चुनाँचे वे प्रत्यक्ष एवं प्रोक्ष रूप से न मुसलमानों के साथ हैं और न काफ़िरों के साथ। बल्कि वे प्रत्यक्ष रूप से मुसलमानों के साथ हैं, और प्रोक्ष रूप से काफ़िरों के साथ हैं। और जिसे अल्लाह गुमराह कर दे, तो - ऐ रसूल! - आप उसके लिए पथभ्रष्टता से मार्गदर्शन पर लाने का हरगिज़ कोई रास्ता नहीं पाएँगे।
वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दी गई स्मार्ट खोज सुविधा का उपयोग कर सकते हैं