सूरह फुस्सिलत (विस्तार से बताई गई — فصلت) (आयत 24)

नीचे दिए गए खोज उपकरण का उपयोग करके किसी विशिष्ट सूरह से एक या एक से अधिक चयनित आयतें और आपकी चुनी हुई भाषा में उनका अनुवाद देखें।




41 फुस्सिलत(فصلت), आयत २४

فَإِنْ يَصْبِرُوا فَالنَّارُ مَثْوًى لَهُمْ ۖ وَإِنْ يَسْتَعْتِبُوا فَمَا هُمْ مِنَ الْمُعْتَبِينَ 24 ٢٤

अब यदि वे धैर्य दिखाएँ तब भी आग ही उनका ठिकाना है। और यदि वे किसी प्रकार (उसके) क्रोध को दूर करना चाहें, तब भी वे ऐसे नहीं कि वे राज़ी कर सकें (२४)

तफ़सीर
तो यदि यह लोग, जिनके विरुद्ध उनके कानों, आँखों एवं खालों ने गवाही दी है, धैर्य रखें, तो भी उनका आवास जहन्नम है और यदि यतना से मुक्ति और अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति की दुआ करें, तो भी न उसकी प्रसन्नता प्राप्त कर सकते हैं, न जन्नत में प्रवेश कर सकते हैं।

वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दी गई स्मार्ट खोज सुविधा का उपयोग कर सकते हैं