सूरह अज़-ज़ुखरुफ़ (सजावट — الزخرف) (आयत 30)

नीचे दिए गए खोज उपकरण का उपयोग करके किसी विशिष्ट सूरह से एक या एक से अधिक चयनित आयतें और आपकी चुनी हुई भाषा में उनका अनुवाद देखें।




43 अज़-ज़ुखरुफ़(الزخرف), आयत ३०

وَلَمَّا جَاءَهُمُ الْحَقُّ قَالُوا هَٰذَا سِحْرٌ وَإِنَّا بِهِ كَافِرُونَ 30 ٣٠

किन्तु जब वह हक़ लेकर उनके पास आया तो वे कहने लगे, "यह तो जादू है। और हम तो इसका इनकार करते है।" (३०)

तफ़सीर
और जब उनके पास यह क़ुरआन आ गया, जो ऐसा सत्य है, जिसमें कोई संदेह नहीं है, तो उन्होंने कहा : यह तो एक जादू है, जिसके द्वारा मुहम्मद हमपर जादू कर देता है। हम तो इसका इनकार करते हैं। अतः हम कदापि इसपर ईमान नहीं लाएँगे।

वैकल्पिक रूप से, आप नीचे दी गई स्मार्ट खोज सुविधा का उपयोग कर सकते हैं